श्री प्रमोद ग्रोवर और श्रीमती स्वराज ग्रोवर ऐसे नाम हैं जो समाज-सेवा और जन-कल्याण के पर्याय से बन गए हैं। पूरे मनोयोग से समाज के उपेक्षित व निर्धन तथा असहाय लोगों को सम्बल देने व टूटते, बिखरते परिवारों को जोड़ने की अजीब-सी धुन में लगे ग्रोवर दम्पती पर नियति ने गत वर्ष ऐसा कहर ढाया कि विगत 29 दिसम्बर 2004 को हंसों की इस समाज सेवी जोड़ी में से एक को हमेशा के लिए विधाता ने छीन लिया। श्रीमती ग्रोवर पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। कार दुर्घटना में उन्होंने अपने पति (श्री प्रमोद ग्रोवर) के साथ-साथ अपने प्रिय भाई (श्री स्वदेश कुमार) को भी खो दिया। अब उनके सामने दो रास्ते थे एक तो घर में बैठकर चुपचाप शोक मनाएँ और दूसरा स्व. प्रमोद ग्रोवर के छोड़े हुए अधूरे कार्यों को दूने उत्साह से पूरा करें। श्रीमती ग्रोवर ने एक वीरांगना की भाँति दूसरा पथ चुना और वह पथ है समाज सेवा का, जन कल्याण का, लोकहित का। उसी की परिणति है- 'प्रमोद ग्रोवर स्मृति जनकल्याण मंच' मंच के उद्देश्य हैं- कमजोर व उपेक्षित लोगों की सहायता करना, आपसी कलह से टूटते परिवारों को जोड़ना, नारी प्रगति, निर्धन बच्चों की शिक्षा में सहयोग करना एवं समाज के लिए अन्य हितकारी कार्य करना।
स्व. प्रमोद ग्रोवर एवं स्व. स्वदेश कुमार की प्रथम पुण्यतिथि 29-12-2005 पर उनकी स्मृति में प्रकाशित स्मारिका पुण्यात्मा प्रमोद के लोकार्पण क साथ-साथ 'प्रमोद ग्रोवर स्मृति जनकल्याण मंच' जालघर का भी लोकार्पण सम्पन्न हुआ ।
लोकार्पण समारोह के आकर्षण-
माननीय श्री हजारी लाल रघुवंशी
उपाध्यक्ष म.प्र. विधानसभा
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मेजर जनरल एस. आर. सिन्हो
चेयरमैन, भारतीय रेडक्रास सोसाइटी, म.प्र. भोपाल
चेयरमैन, भारतीय रेडक्रास सोसाइटी, म.प्र. भोपाल
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पं० शिव चौबे
सदस्य पंच - ज (म.प्र.)
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सदस्य पंच - ज (म.प्र.)
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श्री मकरंद देऊस्कर I.P.S.
पुलिस अधीक्षक, होशंगाबाद
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पुलिस अधीक्षक, होशंगाबाद
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श्री चन्द्रगोपाल मलैया
सदस्य, जिला पंचायत होशंगाबाद
सदस्य, जिला पंचायत होशंगाबाद
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लोकार्पण-
द्वारा-
पं० शिव चौबे
सदस्य
पंच- ज ( मध्य प्रदेश )
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संस्थापक-
श्रीमती स्वराज ग्रोवर
परिकल्पना एवं निर्माण-
डॉ॰ जगदीश व्योम
तकनीकी सहयोग-
डॉ॰ पूर्णिमा वर्मन
संपादक
श्रीमती स्वराज ग्रोवर
परिकल्पना एवं निर्माण-
डॉ॰ जगदीश व्योम
तकनीकी सहयोग-
डॉ॰ पूर्णिमा वर्मन
संपादक
अनुभूति/अभिव्यक्ति जालघर
1 comment:
Kisi ki smrati ko yaad karne ka yah ek nayab tareeka hai. net per manch ka vivran deker pramod ji ko amar banane ki yah prashansniy koshish hai.
sahitya ki kisi sreshath puastak ko manch ke saujanya se diya jaye to yah pramod grover manch ke dwara kiya gaya sahitya ke shetra main ek bahut bada yogdaan ho sakega.
Dr.shriram arun, chandigarh
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